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छोटी सी इलायची सेहत के लिए बड़ा खजाना, इसे खाने से मिलेंगे ये 15 फायदे

क्या आप जानते हैं कि हमारी रसोईं में पाई जाने वाली छोटी-छोटी चीजें कितनी फायदेमंद होती हैं. हमने आपको को इसके पहले गुणकारी लहसुन के बारे में बताया था. आज हम आपको इलायची (Cardamom) के बारे में बतायेंगे. हम आपको बताएंगे कि छोटी सी इलायची कितने बड़े काम की होती है. अगर हम इलायची खाने के फायदे (Elaichi Khane Ke Fayde) के बारे में बात करें तो इलायची में बहुत से औषधीय गुण पाए जाते हैं, जिससे हम कई गंभीर बीमारियों से बचते हैं. ये दो प्रकार की होती है एक हरी इलायची जिसे हम छोटी इलायची के नाम से जानते हैं और दूसरी बड़ी इलायची ये काले रंग की मोटी इलायची होती है जिसका उपयोग मसालों में किया जाता है हालांकि छोटी इलायची को भी हम कभी-कभी मसालो में उपयोग करते हैं लेकिन ये पूजा पाठ के लिए ज्यादा इस्तेमाल की जाती है.
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इलायची में पाए जाते हैं ये पोषक तत्व (Nutrients of Cardamom)

प्रति 100 ग्राम में कैलोरी -311, कुल वसा 7 ग्राम 10 फीसदी, संतृप्त वसा 0.7 ग्राम 3 फीसदी, पॉलीअनसेचुरेटेड वसा 0.4 ग्राम, मोनोअनसैचुरेटेड वसा 0.9 ग्राम, कोलेस्ट्रॉल 0 मिलीग्राम 0 फीसदी, सोडियम 18 मिलीग्राम 0 फीसदी, पोटेशियम 1,119 मिलीग्राम 31 फीसदी, कुल कार्बोहाइड्रेट 68 ग्राम 22 फीसदी, आहार फाइबर 28 ग्राम 112 फीसदी, प्रोटीन 11 ग्राम 22 फीसदी, विटामिन ए 0 फीसदी, विटामिन सी 35 फीसदी, कैल्शियम 38 फीसदी, लौह 77 फीसदी, विटामिन डी 0 फीसदी, विटामिन बी -6 10 फीसदी, कोबालामाइन 0 फीसदी मैग्नीशियम.

जानिए कितने प्रकार की होती है इलायची :-

वैसे तो इलायची के बारे लोग यही जानते हैं कि ये दो प्रकार की होती है एक छोटी इलायची और दूसरी बड़ी इलायची. लेकिन हम आपको बताते हैं कि इलायची कितने प्रकार की होती है. इलायची छः प्रकार की होती हैं आइए अब हम आपको बताते हैं कि ये छः प्रकार की इलायची कौन-कौन सी हैं.

छोटी इलायची

बड़ी इलायची

हरी इलायची

काली इलायची

भूरी इलायची

नेपाली इलायची

बंगाल इलायची या लाल इलायची

इलायची खाने होते हैं ये फायदे :-

इलायची का सेवन आपको यौन रोग या गुप्त रोग निजात दिलाती है. रात को सोते वक्त दूध में इलायची को अच्छे से उबालकर शहद मिलाकर सेवन करें.

इलायची का नियमित सेवन करने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को दे सकते हैं मात. इसके एंटी इंफेलेमेंटरी तत्व मुंह का कैंसर, त्वचा के कैंसर से लड़ने में कारगर होते हैं.

इलायची में मैग्नीशियम और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन हमेशा सामान्य बना रहता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रहता है.

अगर आप गैस, एसिडिटी और पेट की समस्या से परेशान हैं, तो हमेशा भोजन करने के बाद इलायची का सेवन करें.

अगर आपको सांस की बीमारी है तो फिर आपके लिए इलायची का सेवन अमृत है. ऐसा इसलिए क्योंकि इलायची की तासीर गर्म होती है. अस्थमा में भी कारगर है.

इलायची में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी इफेक्ट्स और एंटी ऑक्सीडेंट गुण क्रॉनिक डिजीज यानि एलर्जी और सूजन की समस्या से निजात दिलाने में मदद करती है.

सर्दी-खांसी या गले की खराश की समस्या रहती है, तो ऐसे में हरी इलायची बेहद फायदेमंद रहेगी. रात को गुनगुने पानी के साथ इलायची को चबा-चबाकर खाएं.

इलायची का सेवन करने से पेट में अल्सर की समस्या से छुटकारा मिलता है. क्योंकि इलायची के रोजाना सेवन करने से पाचन संबंधी समस्याओं से निजात मिलती है.

शोध के मुताबिक, इलायची का अर्क गैस्ट्रिक अल्सर के आकार को कम से कम 50 फीसदी तक पूरी तरह खत्म कर देता है.

भोजन के बाद इलायची के सेवन करने से मुंह की दुर्गंध दूर करने के साथ दांतों की कैविटीज की समस्या से भी निजात मिलती है.  उल्टी और मितली भी दूर रहती है

इलायची के अर्क के सेवन करने पर लीवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम होता है. इलायची के अर्क में मौजूद एंजाइम, ट्राइग्लिसराइड से कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं.

बार-बार होने वाली घबारहट की समस्या से परेशान रहती हैं, तो ऐसे में दिन में 2-3 बार या घबरहाट होन पर इलायची का सेवन करना फायदेमंद रहता है.

इलायची का एंटीऑक्सिडेंट तत्व ब्लड सर्कुलेशन को सामान्य बनाती है जिससे मूड स्विंग्स में भी राहत मिलती है.

बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान रहते हैं, तो ऐसे में अपनी डाइट में इलायची को जरुर शामिल करें. इसमें मौजूद पौषक तत्व तेजी से वजन घटाने में मदद करती है.

इलायची का तेल और इलायची का अर्क का उपयोग करने से फंगल इंफेक्शन, फूड प्यॉवजनिंग और पाचन संबंधी रोगों में रामबाण का काम करती है.

इलायची के दानों का बेल की छाल के साथ काढ़ा बनाकर पीने से बुखार में लाभ होता है। इस काढ़े का सेवन दिन में 2-3 बार करें.

DR.MANOJ DAS
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