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रेशमी, नरम, मुलायम त्वचा का राज़



सर्दियों के मौसम का आगमन हो चूका है, और इस मौसम में ड्राय स्किन की समस्या हर किसी को होती है, अर्थात महिलाओं और पुरुषों को भी, यहां तक की घर के बुजूर्ग और बच्चे भी इससे बच नहीं पाते हैं। खास करके इस मौसम में त्वचा को मोइश्चराइज रखना अति आवश्यक बन जाता है।

सर्दियों में त्वचा की नमी कम होने से त्वचा ड्राई हो जाती है। हालांकि, कई लोगों की त्वचा अन्य मौसम में भी ड्राय रहती है। इसके अनेक कारण हो सकते हैं, जैसे कि त्वचा को समय पर एक्सफोलिएट न करना, बारंबार त्वचा धोते रहना, डीहाइड्रेशन या कुपोषण, कुछ पोषक तत्वों जैसे विटामिन-डी, विटामिन-ए, ज़िंक एवं आयर्न की कमी होना, अधिक कठोर साबुन का इस्तेमाल, पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना आदि हो सकता है। कभी कभी गरम दवाइयां लेने का प्रभाव भी खुष्क त्वचा का कारक बन सकता है।

परंतु सर्दियों में चलने वाली सर्द हवाओं की वजह से ही त्वचा खुश्क होती है और त्वचा फटने लगती है। अधिक दिनों तक ड्राई स्किन की अनदेखी से यह समस्या बढ़ भी सकती है। अर्थात सर्दियों के मौसम में त्वचा ज्यादा देखभाल मांगती है। यदि ठंड के मौसम में त्वचा की समस्या से निजात पाना चाहते हैं तो यहां कुछ टिप्स दिए जा रहे हैं, जिससे त्वचा को नरम और मुलायम रख सकते है…


आयुर्वेद के अनुसार, पृथ्वी इस समय दक्षिणायन चरण में होती है, यह ब्रह्मांड का स्त्री चरण होता है, शायद इसीलिए इसे ‘सीजन ऑफ रीजनरेशन’ कहा जाता है। यह एक ऐसा समय होता है जहां पशु, पक्षी, मनुष्य और सृष्टि के सारे जीव जीवन शक्ति को पुनःप्राप्त करने के लिए जीवन के अमृत को सोखते और पीते हैं। यही अवस्था हमारी त्वचा की भी होती है और इसे भी तरोताज़ा रखने के लिए जीवन अमृत पीने की आवश्यकता होती है।

कहते हैं कि हमारे शरीर में 75 प्रतिशत पानी होता है। आपने देखा होगा, गरमी के दिनों में हमें पसीना आता है जिसके कारण शरीर का अधिकतम पानी नीकल जाता है और इसीलिए हमें अधिक प्यास लगती है। उसकी तुलना में सर्दियों में पसीना नहीं आता परंतु युरीन के माध्यम से टोक्सीन नीकल जाते हैं फिर भी हमे प्यास का ऐहसास नहीं होता। हालांकि, सर्दियों में हमे अधिक मात्रा में पेय पदार्थ का सेवन करना आवश्यक है।

क्या करना चाहिए?

प्राकृतिक लोशन का प्रयोग


सर्दियों में दिन में दो बार – सुबह नहाने के बाद और रात्रि में सोने से पहले – शरीर पर बॉडी लोशन लगाना आवश्यक है। परंतु ध्यान रहे, जहां तक हो सके प्राकृतिक लोशन, क्रीम या जेल का इस्तेमाल करें।

शावर तेल का प्रयोग

आयुर्वेद स्नान से पहले, खोई हुई नमी को फिर से भरने और चमक प्रदान करने के लिए अभ्यंग की सलाह देता है। सेल्फ-ऑइल मसाज से दिनभर त्वचा कोमल और मुलायम बनी रहती है।
पाद-अभ्यंग का प्रयोग

आम तौर पर हम चेहरे की और हाथों की त्वचा को अधिक तवज्जो देते हैं परंतु सिर से लेकर पांव तक समग्र त्वचा को नमी प्रदान करना अति आवश्यक हो जाता है। पैरों की नियमित मालिश शरीर की कुदरती ऊर्जा या प्राण को पुन-स्थापित और संतुलित करती है। रोज रात्रि को पाद-अभ्यंग लेने से पैरों की त्वचा नरम-मुलायम तो होती ही है साथ में पैरों में स्थित अनेक एक्युप्रेशर पोइन्ट्स भी एक्टिवेट होते हैं, इससे निंद भी अच्छी आती है।

शिरो अभ्यंग प्रयोग


सर्दियों में सिर की त्वचा भी शुष्क हो जाती है, बाल भी फ्रीजी हो जाते हैं। यदि समय समय पर तेल का मालिश न किया जाए तो बालों में रुसी, बालों का झड़ना, बालों का सफैद होना जैसी समस्याएं शुरु हो जाती है। सिर में भी नियमित रुप से मालिश की जाए तो बाल लंबे, घने होते हैं और अच्छी निंद भी आती है।

त्वचा पर डायट का असर

हमारी त्वचा से ही पता लग सकता है कि हम क्या खाते होंगे। आयुर्वेद के अनुसार सर्दियों में शरीर को अंदर से कोमल रखने के लिए गर्म और नम भोजन लेना चाहिए। गरम सूप, गरम मसाले जैसे हल्दी, अदरक, दालचीनी, दलिया, सूका मेवा, बीज आदि लेना चाहिए। पानी, तुलसी अदरक की चाय, सौंफ और दालचीनी की चाय, सूप आदि प्रचूर मात्रा में लेना चाहिए। इसके अलावा, यही वह मौसम है जब आप वसा, शुद्ध घी और पत्तेदार सब्ज़ियां एवं अंकुरित अनाज खाकर पूरे वर्ष के लिए ऊर्जा स्टोर कर सकते हैं। इसीलिए च्यवनप्राश या आंवले से बने कोई भी व्यंजन या आंवले का ज्यूस पीना चाहिए जो प्रतिरक्षा बूस्टर का कार्य करते हैं।

सर्दियों के मौसम में जहां एक ओर हम रज़ाई में घूसकर, गरम गरम सूप या चाय-कॉफी का मज़ा लेना चाहते हैं वहीं दूसरी ओर रज़ाई से नीकलकर हमें कुछ अरोमा ऑइल का इस्तेमाल करके हमारी त्वचा को तरोताज़ा रखने का प्रयास करना चाहिए। इनमें से कुछ हैः-

कैमोमाइल तेल


यह तेल हमारी त्वचा को शांति प्रदान करता है। इसमें एन्टिमाइक्रोबियल और एन्टि-इनफ्लेमेटरी प्रोपर्टी होती है और यह तेल त्वचा को मोइश्चराइज रखने में सहायता करता है।

जोजोबा तेल

खनिजों और विटामिनों से भरपूर तेल त्वचा को पोषण देता है और इसे स्वस्थ और मजबूत बना सकता है। मुंहासे वाली त्वचा के लिए भी यह अच्छा तेल है।

लैवेंडर तेल

अदभुत गंध के अलावा लैवेंडर एन्टीऑक्सिडेन्ट में समृद्ध होता है। इसमें उपचार के गुण होते हैं। यह क्षतिग्रस्त त्वचा को ठीक करता है और त्वचा को पोषण देता है।

जेरेनियम तेल

यह तेल त्वचा की कोशिकाओं को री-जनरेट करता है। त्वचा में स्वस्थ चमक लाने में मदद करता है। यह तेल त्वचा को पोषण प्रदान करता है और इस तेल का प्रयोग त्वचा को मोइश्चराइज करने का शानदार तरीका प्रदान करता है।


बोक्स

अपनी और परिवारजनों की त्वचा की देखभाल

सुबह उठकर ब्रश वगैरह करके हाथ, पैर और चेहरा धो लें और तुरंत अच्छा मोइश्चराइजर लगाएं।
सुबह की शुरुआत गरम पानी से ही करें, अर्थात कम से कम एक ग्लास गुनगुना पानी पीएं।
सुनिश्चित करें कि दिनभर कम से कम 8 ग्लास पानी पीएं।
नहाते समय साबुन के स्थान पर माइल्ड बॉडीवॉश का इस्तेमाल करें, सप्ताह में एक बार बेसन और दूध या मलाइ लगाकर स्नान करें।
त्वचा को किसी अच्छे स्क्रब से या बेसन में चंदन पाउडर और दही मिलाकर एक्सफोलिएट अवश्य करें, इससे डेड स्किन नीकल जाएगी और फ्रेश फील होगा।
नहाते समय अधिक समय पानी में न रहें, इससे शरीर का मोइश्चर कम हो जाएगा।
प्राकृतिक मोइश्चराइजर या क्रीम का इस्तेमाल करें और नहाने के तुरंत बाद लगा लें।
घर से नीकलते समय पैरों में मोज़े, सिर पर स्कार्फ या मफलर पहन कर जाएं, सर्दियों की कोमल धूप और ठंडी हवा भी आपकी त्वचा पर भारी पड़ सकते है।



गरमी के दिनों की तरह सर्दियों में भी सनस्क्रीन लगाना अति आवश्यक हो जाता है जिससे अल्ट्रावायलेट किरणों से बचा जा सकता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि हमें प्रत्येक दो घंटे के अंतराल में सनस्क्रीन लगाना चाहिए, या यदि ऐसा काम करते हैं जिसमें पसीना आता है तो भी सनस्क्रीन लगा लेना चाहिए।
त्रि को सोने से पहले, हाथ, पैर, मूंह धोकर अच्छा मोइश्चराइजर लगाना चाहिए। यदि अधिक समय खड़ा रहना पड़ता हो या चलना पड़ता हो तो रात्रि में सोने से पहले पैरों में तेल की मालिश करनी चाहिए।

उपरोक्त डेली रुटीन केवल महिलाओं के ही नहीं परंतु परिवार में रहने वाले सभी पुरुष, बुजूर्ग और बच्चों को भी इसे फॉलो करना चाहिए।

10 ऐसी चीज़ें जो आपको अपने पर्स में रखनी चाहिए।
सोफ्ट सेनिटाइजर

2.       स्किन लोशन

3.       एक्स्ट्रा ग्लव्ज

4.       एक्स्ट्रा मोज़े

5.       गले को आराम देने वाली गोली
6.    टी-बैग्स

7.       टिश्यू

8.       लीप बाम

9.       छोटी छतरी

10.   सेनिटरी नेप्किन

Vrunda Manjeet
9825444891
vrinda.one@gmail.com


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